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शादी में नौकारानी को पेला

प्रेषक : विवेक …

हैल्लो दोस्तों, ये कहानी तब की है जब में बिहार गया हुआ था, वहाँ हमारे घर में एक सेक्सी नौकरानी थी, जिसका नाम रूपा था। वैसे रूपा दिखने में इतनी अच्छी नहीं थी, क्योंकि उसका रंग सांवला था और वो गंदे कपड़े पहनती थी, लेकिन उसका फिगर मुझे अच्छा लगा था, उसकी हाईट 5 फुट 8 इंच होगी और उसका फिगर भी जबरदस्त था, उसका फिगर साईज 34-30-34 होगा। लेकिन में काफ़ी दुबला पतला लड़का हूँ, मेरा रंग गोरा है और मुझे सेक्स में बहुत रूचि है। में सेक्स को सामने वाली की मर्ज़ी से प्ले करना चाहता हूँ और क्योंकि इसे एक गेम की तरह खेलना पसंद करता हूँ, इसलिए ज्यादा टाईम तक टिकता हूँ। वैसे मैंने आपको बताया था कि मेरी बहन की शादी में मेरी लॉटरी लग गई थी, क्योंकि मैंने उस टाईम 3 औरतों को चोदा था, जिसमें भाभी का ज़िक्र पुरानी कहानी में कर चुका हूँ। वैसे ये घटना भाभी से पहले घटी थी, जब भाभी नहीं आई थी। रूपा मेरे घर पर काम करती थी, वैसे शुरू में मेरे मन में कुछ भी गलत नहीं था।

एक दिन जब में नहा रहा था तो तब मेरे अंकल ने रूपा को बोला कि नल चला दो और फिर जब वो नल चलाने के लिए आई। अब में जब भी उसकी तरफ देखता तो तब वो मेरे शरीर को आँखे फाड़कर देखते हुए मिलती और जब उसकी नजर मेरी नजर से टकराती तो तब वो मुस्कुरा देती, उसकी आँखो में वासना की आग साफ झलक रही थी। फिर उसने मुझसे बोला कि आपकी पीठ मल दूँ। तब मैंने मना कर दिया, क्योंकि दरवाजे पर मेरे अंकल बैठे हुए थे। अब वो जब भी मुझे देखती एक सेक्सी स्माइल पास करती और जब मेरे घर में झाड़ू लगाने आती तो जानबूझकर बहुत देर तक रुकती थी।

फिर एक दिन मैंने हिम्मत करके बेड पर लेटे हुए जब वो मेरे पास आई तो तब मैंने उसकी गांड को दबा दिया। तब उसने कोई विरोध नहीं किया, बल्कि आहहह करके खड़ी हो गई थी। तब में समझ गया और ज़ोर-ज़ोर से उसकी गांड को मसलने लगा था। अब उसे भी अच्छा लगने लगा था। फिर मैंने धीरे से उसकी साड़ी उठा दी कि तभी मैंने किसी के आने की आहट सुनी। अब वो मुझसे दूर चली गई थी और झाड़ू लगाने लगी थी और में बिस्तर पर लेटकर कुछ पढ़ने लगा देखा था। वो मेरी बुआ थी, वो आई और कुछ सामान लेकर चली गई थी। फिर उसके जाने के बाद वो दुबारा मेरे पास आकर झाड़ू लगाने लगी। फिर मैंने इस बार उसकी साड़ी ऊपर कर दी, उसने अंदर कुछ नहीं पहना हुआ था। फिर मैंने सोते हुए उसकी साड़ी के अंदर अपना मुँह डाल दिया। दोस्तों वैसे तो वो गंदी थी और उसके शरीर से बदबू आ रही थी, लेकिन उसकी चूत की खूशबू के सामने में मजबूर हो गया था और सीधा उसकी चूत के होंठो पर अपने होंठ रख दिए। उसको इस बात का पता नहीं था। फिर जैसे ही उसे मेरे होंठो का स्पर्श हुआ तो तब वो उछल पड़ी और चाह कर भी पीछे नहीं हो पाई थी। फिर मैंने उसकी पीठ पर अपना एक हाथ रखा और उसे झुकने का इशारा किया। अब वो मेरी बात समझ गई थी और झुक गई थी। अब में उसकी चूत के होंठो को बहुत अच्छे से चाट पा रहा था और फिर 2 मिनट के बाद उसकी मुँह से सिसकारी भी निकलने लगी थी। तब मुझे समझ में आया कि वो बहुत ज्यादा गर्म हो चुकी है और कहीं कोई आ जाता और में हटने की कोशिश करता तो शायद वो नहीं हटती, इसलिए मैंने सब कंट्रोल करने के लिए उसकी चूत पर से अपना मुँह हटा लिया। तब उसे अच्छा नहीं लगा और वो फिर से अपनी चूत खोलकर मेरे मुँह के सामने आ गई थी।

फिर मैंने बहुत मुश्किल से उसे संभाला। अब में कोई रिस्क नहीं लेना चाहता था इसलिए में उससे बोला कि कोई आ जाएगा तो प्रोब्लम हो जाएगी। तब वो बोली कि बस थोड़ी देर और करो ना। तब मैंने साफ-साफ मना कर दिया। अब वो बे मन से मेरे कमरे से चली गई थी। दोस्तों मेरे अंदर एक बात बहुत खराब है कि बिना चूत के चाटे और लड़की को फुल मजा दिए में चुदाई नहीं करता, मेरी गर्लफ्रेंड भी मुझसे बहुत खुश रहती है और बोलती है कि वो लड़की बहुत ख़ुशनसीब होगी, जो तुम्हारी बीवी बनेगी। ख़ैर में अपनी बढ़ाई नहीं कर रहा, जो सच है वो बता रहा हूँ। अब जब भी वो मेरे रूम में आती तो में उसकी गांड को रगड़ देता था या उसकी चूचीयाँ दबाने लगता था। फिर एक दिन मेरे घर पर कोई नहीं था, सब शादी की शॉपिंग के लिए बाहर गये हुए थे और वो घर पर ही थी और एक बूढ़ी औरत थी। फिर वो मौका देखते हुए मेरे कमरे में आई और सफाई करने लगी, आज में थोड़ा मूड में था।

फिर में टाईम खराब नहीं करते हुए नीचे उतरा और सीधे उसकी साड़ी उठाई और उसकी चूत में अपना लंड डाल दिया। ऐसा उसने नहीं सोचा था, उसे तो ये लग रहा था कि में उसकी चूत चाटूँगा, लेकिन मेरा लंड अंदर जाते ही वो दीवार पकड़कर खड़ी हो गई, वैसे तो वो शादीशुदा थी तो कोई प्रोब्लम नहीं हुई और मेरा लंड झट से अंदर घुस गया था। अब में मेरे दोनों हाथों से उसकी चूत को दोनों तरफ से पकड़कर दबाने लगा था, जिससे उसकी चूत पर मेरे लंड की रगड़ उसे साफ पता लग रही होगी। अब में जैसे-जैसे उसकी चूत को कसकर भींचता वैसे-वैसे उसके मुँह से सिसकारी तेज होने लगी थी और अब मेरे धक्के भी तेज होने लगे थे, लेकिन अचानक वो बूढी औरत उसे आवाज़ देने लगी, लेकिन वो जोश से कांप रही थी। फिर में उठकर बेड पर चला गया तो तब उसने बहुत मुश्किल से अपने आपको संभाला और बाहर चली गई, लेकिन अब उसकी तड़प बहुत बढ़ गई थी, जिसे में समझ रहा था। दोस्तों ये कहानी आप चोदन डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

फिर मैंने उसे रात में आने को कहा तो तब वो मान गई। अब में रात को उसके आने का इंतज़ार करने लगा था और अब 12 बजे मुझे भी नींद आने लगी थी। अब मुझे लगने लगा था कि शायद वो नहीं आएगी। फिर मैंने मुठ मारकर सोने की सोची और फिर में सेक्स स्टोरी पढ़ने लगा और मेरा लंड हिलाने लगा था। तो तब इतने में मैंने देखा कि कोई मेरे रूम की खिड़की पर लाईट मार रहा है। फिर जब मैंने दरवाजा खोला तो वो सामने खड़ी थी। अब मुझे समझ आ गया था। फिर में दरवाजा खोलकर अंदर आ गया और अब वो धीरे-धीरे मेरे रूम में आ गई थी। फिर उसके आने के बाद में उस पर टूट पड़ा और उसके होंठो को चूसना स्टार्ट किया। अब वो भी मेरा साथ दे रही थी। फिर धीरे-धीरे में उसकी गर्दन को चूमने लगा और अपने एक हाथ से उसकी गर्दन को पकड़कर चूसने चाटने लगा था।

अब उसे ऐसा लग रहा था कि में कितना भूखा हूँ? जो की सच्चाई भी है और फिर में उसकी गर्दन को चाटते हुए उसके ब्लाउज के अंदर अपना एक हाथ डालकर उसके बूब्स को भी मसलने लगा था, जिससे वो भी पागल हो रही थी। फिर उसने झट से अपने ब्लाउज को खोल दिया और मुझसे लिपटने लगी थी। अब में धीरे-धीरे उसकी बूब्स की तरफ बढ़ रहा था, लेकिन वो बहुत ज्यादा उत्तेजित हो गई थी और मेरा मुँह ले जाकर जबरदस्ती अपने बूब्स पर रख दिया। वैसे अब में उसे और भी मजा देना चाहता था, लेकिन मुझे पता लग गया था कि अगर अभी विरोध करूँगा, तो शायद वो नहीं मान पाएगी इसलिए में उसके बूब्स के साथ खेलने लगा। अब एक प्रोब्लम हो गई थी कि वो सिसकारी बहुत तेज-तेज लेने लगी थी। तो तब मुझे रुकना पड़ा और उसको समझाया कि इतनी आवाज करोगी तो कोई आ जाएगा और हम पकड़े जाएँगे, लेकिन वो कुछ सुनना नहीं चाहती थी और मेरा मुँह अपने नीचे ले जाना चाहती थी और मुझे अपनी चूत टेस्ट करवाना चाहती थी, लेकिन मुझे पता था कि उसके बाद उसकी सिसकारी और बढ़ सकती थी, इसलिए मैंने पीछे हटना सही समझा।

अब में उसको धक्का देकर पीछे हो गया था और उसके मुँह के सामने गया और बोला कि जैसे तुम कर रही हो, ऐसे तो हम फस जाएँगे और दुबारा नहीं मिल पाएँगे। शायद वो मेरी बात को समझना चाहती थी, लेकिन अपने आपको नहीं रोक पा रही थी। फिर मैंने पीछे हटकर उसको पकड़ लिया और उसको थोड़ा शांत करने की कोशिश करने लगा था। अब धीरे-धीरे वो शांत हो गई थी। अब में समझ गया था कि इसे ज्याद मजा दिया तो शायद वो पूरे घर को इक्कठा कर लेगी, इसलिए मैंने सीधे अपने कपड़े खोले और उससे बोला कि मेरे लंड को चाटो। तब शुरू में उसने कोशिश की, लेकिन वो नहीं कर पा रही थी। अब उसे घिंन आ रही थी और मुझे पता था कि गाँव की लड़कियाँ इसको बुरा मानती होगी। अब वो कंट्रोल में आ चुकी थी। फिर मैंने उसको अपना लंड चुसाया, इसलिए नहीं क्योंकि मेरा मन था बल्कि इसलिए शायद इन सब हरकतों से वो कंट्रोल में आ जाए और जैसा मैंने सोचा था वैसा ही हुआ। अब वो पूरी तरह से कंट्रोल में आ गई थी।

अब में समझ गया था कि इसे सीधा चोदने में ही भलाई है, इसलिए फिर मैंने उसको नीचे लेटा दिया और उसके ऊपर चढ़ गया और उसकी चूत में सीधा अपना लंड डाल दिया। वैसे तो में आराम-आराम से चोदने में विश्वास रखता हूँ, लेकिन उस टाईम ऐसा नहीं कर सकता था और अब मेरे अंदर डालने के चार से पाँच मिनट के बाद ही वो नीचे से ज़ोर-ज़ोर से झटका मारकर निढाल हो गई थी। अब में समझ गया था कि वो झड़ चुकी है, लेकिन मैंने अभी तक आधा ही सफर पूरा किया था। तब उसे एहसास हुआ और फिर वो बोलने लगी कि जल्दी कर लो, में बच्चे को घर छोड़कर आई हूँ। अब में समझ गया था कि वो झड़ चुकी है, लेकिन में अभी नहीं झड़ा था। फिर मैंने अपनी रफ़्तार बढ़ा दी और थोड़ी देर के बाद वो फिर से स्टार्ट हो गई और कम से कम 15 मिनट की चुदाई के बाद में उसकी चूत में ही झड़ गया। अब में भी हाफ रहा था। अब वो बहुत खुश थी और मुझसे बोली कि तुम बहुत बड़े चुदक्कड़ हो, तो में हंसने लगा और फिर इसके बाद भी मैंने उसकी बहुत बार चुदाई की ।।

धन्यवाद …

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