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रंडी सहेलियों की सुहागरात

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम मीनू है, हाईट 5 फुट 2 इंच, फिगर साईज 36-30-36, सेक्सी। रंडी सहेलियों की सुहागरात यह तब की बात है, जब में 12वीं क्लास में पढ़ती थी। मेरी एक सहेली थी भारती और हम बहुत खुले हुए थे, हमारा एक दूसरे के घर आना जाना बहुत था। भारती का भाई रमेश 25-26 साल का लंबा लड़का था। में उसकी तरफ आकर्षित थी। हम तीनों आपस में बहुत मज़ाक करते रहते थे। भारती और में बहुत नटखट थी। हम आपस में लड़को की बात किया करते थे। मैंने उससे कई बार रमेश के बारे में बात की थी। वो समझती थी कि में रमेश को चाहने लगी हूँ। फिर धीरे-धीरे वो अकेले में मुझे भाभी कहने लगी। अब भारती के मुँह से भाभी शब्द मुझे बहुत अच्छा लगता था। फिर एक बार भारती के मम्मी पापा शादी में गये हुए थे। अब घर में भारती और रमेश थे। फिर भारती मुझसे बोली कि आज घर में कोई नहीं है, आज मेरे पास रुक जा और रात को अपनी सुहागरात मना ले। अब मेरी चूत एकदम से सुहागरात का नाम सुनते ही पानी छोड़ने लगी थी।

फिर में और भारती अपने घर गये तो तब भारती ने मेरी मम्मी से बोला कि आज मीनू मेरे पास रुक जाएगी, हमें आज घर पर पढ़ाई करनी है। फिर में 5 बजे के करीब भारती के साथ उसके घर आ गयी। फिर शाम को रमेश मनीष के साथ वहाँ आया। तो तब रमेश बोला कि आज मनीष यहीं सोएगा। अब मेरा मन उदास हो गया था। तब में बोली कि भारती मेरी सुहागरात तो गयी पानी में। तब भारती बोली कि कोई तरीका अपनाते है यार। तब वो मज़ाक में बोली कि तू दो के साथ सुहागरात मना ले। तो तब में बोली कि तू मना ले। फिर हम दोनों ऐसे ही बातें करती रही। फिर भारती बोली कि आज तेरी सुहागरात जरूर मनेगी, चाहे कुछ भी करना पड़े। फिर रात को मनीष जाकर विस्की ले आया और दोनों पीने लगे, लेकिन मनीष ने खुद कम पी और रमेश को ज़्यादा पिलाई थी। फिर जब हम चारों बैठे थे, तो तब मनीष बोला कि कुछ खेलते है। तो तब रमेश बोला कि क्या? तो तब मनीष बोला कि ताश।

तब में और भारती भी तैयार हो गयी। फिर भारती ने मुझे आँख मारी और बोली कि क्या शर्त होगी? तो तब रमेश बोला कि बोल मनीष क्या शर्त लगानी है? बाकी तुम दोनों के पास है क्या? जो लगाओगे। तो तब में बोली कि रमेश ये क्या बात हुई? हमारे पास क्या पैसे नहीं है? ये सूट 5000 रुपए का है, तो तब वो बोला कि तो क्या तुम सूट लगाओगी? फिर हम ऐसे ही बातें करते रहे। तो तब मनीष बोला कि चलो जो हारता जाएगा अपना एक-एक कपड़ा उतारता जाएगा। तो तब में मान गयी, लेकिन भारती और रमेश नहीं माने। तब वो बोले कि नहीं हम भाई बहन है। तो तब मनीष बोला कि यार क्या पुराने जमाने की बात करते हो? तो तब में भी यही बोली। फिर मैंने भारती के कान में कहा कि यार मेरे साथ तेरी भी सुहागरात मन रही है, तो क्या तकलीफ है? तो थोड़ी देर ना-ना करके वो मान गये। फिर हम ताश खेलने लगे, तो सबसे पहले रमेश की टी-शर्ट उतरी, फिर भारती का टॉप उतरा। अब भारती ब्रा और जीन्स में थी और रमेश बनियान शॉर्ट में था। तब मनीष बोला कि लगता है आज भाई बहन ने नंगे होने की ठान ली है।

अब भारती की कसी-कसी चूचीयाँ ब्रा में से बाहर आने को थी। अब मनीष घूर-घूरकर देख रहा था। अब भारती रमेश के कारण शर्मा रही थी। फिर अगली बाज़ी में रमेश हारा तो तब उसने अपनी शॉर्ट उतारी, उसका अंडरवियर फूला हुआ था। अब में उसकी तरफ देख रही थी। अब अगली बारी मेरी थी। फिर मैंने खुशी से अपना टॉप निकाला। अब मेरी लाल ब्रा में मेरी 32 साईज की चूचीयों को रमेश और मनीष घूर- घूरकर देख रहे थे। तब में बोली कि मनीष चीटिंग कर रहा है, ये बाज़ी नहीं हारा। तब मनीष बोला कि हम तो नंगे होने को तैयार है कोई बोले तो सही। फिर इसी तरह से हमारे कपड़े उतरते गये। अब में और भारती ब्रा और पेंटी में थी, तो वो दोनों सिर्फ अंडरवेयर में थे। फिर अगली बाज़ी में भारती हारी तो तब हमने उससे ब्रा उतारने को बोला तो वो ना-ना करने लगी। तब मनीष बोला कि यह गलत बात है और फिर वो उसके पीछे गया और उसकी ब्रा का हुक खोल दिया और उसकी नंगी पीठ पर अपना हाथ फैरने लगा था। दोस्तों ये कहानी आप selectivequeens.com पर पड़ रहे है।

रंडी सहेलियों की सुहागरात

अब भारती की आँखे बंद हो गयी थी। तब मनीष बोला कि रमेश तेरी बहन तो बड़ी चिकनी है। अब रमेश को भी कुछ नहीं समझ आ रहा था, तो वो चुप रहा। फिर मनीष ने अगली बाज़ी लगाई और खुद हार गया। अब वो जानबूझकर ना-ना करने लगा था। तभी भारती उठी और उसका अंडरवेयर नीचे किया तो तब उसका मोटा सा लंड स्प्रिंग की तरह उसके गालों से टकराया। अब हम दोनों उसका 8 इंच लंबा सा, प्यारा सा लंड देखकर हैरान हो गयी थी। फिर भारती ने उसके लंड पर अपना हाथ फैरा और अपनी सीट पर आ गयी थी। अब भारती और मेरी नजरे मनीष के लंड पर थी। अब अगली बारी मेरी थी। फिर रमेश ने मेरी ब्रा उतारी और फिर भारती की पेंटी उतारी, उसकी चूत गुलाबी और बिल्कुल साफ थी। अब रमेश और मनीष की नजरे उसकी चूत पर टिकी थी। फिर थोड़ी देर में और रमेश भी नंगे हो गये। अब हम पूरे हॉट हो गये थे। तब में बोली कि अब? तो तब मनीष बोला कि जो हारा वो तीनों के किस करेगा, जहाँ जीतने वाला चाहेगा। तब पहली बाज़ी रमेश हारा तो उसने मनीष से पूछा, तो तब मनीष ने अपने लंड की तरफ इशारा किया। तब रमेश ने मनीष के लंड पर हल्का सा किस किया और फिर भारती से पूछा, तो वो शर्मा गयी और चुप रही। फिर मैंने रमेश से कहा कि इसके दोनों बूब्स पर किस करो। तो तब रमेश ने किस किया। फिर मैंने अपनी चूत आगे की तो उसने किस करते हुए अपनी जीभ भी अंदर कर दी। तब मेरे मुँह से सिसकी निकली। फिर वो मेरी चूची पकड़कर मेरी चूत पर किस करने लगा। तो तब मनीष बोला कि यार खेलना नहीं है। तब रमेश बोला कि छोड़ ना यार और फिर उसने ताश फैंकी और भारती को किस करने लगा था। अब मनीष ने एक बार सब रुकवा दिया था। फिर रमेश नीचे लेट गया और मुझे उसके मुँह पर बैठा दिया। अब रमेश मेरी चूत पर हार्ड किस कर रहा था।

फिर मनीष आगे आया और मेरी चूचीयाँ दबाता हुआ मुझसे बोला कि सक इट बेबी। तब मैंने उसका लंबा लंड अपने मुँह में भर लिया और चूसने लगी थी। फिर भारती कुछ पल तो देखती रही और फिर रमेश का लंड चूसने लगी थी। फिर भारती बोली कि भाभी कैसे लग रहा है? तो तब मनीष बोला कि भाभी कैसे है? फिर उसने बताया कि आज इसकी सुहागरात है और ये भैया से प्यार करती है। तब में बोली कि तेरी भी तो है मनीष, मेरे जीजू बनना है तो मेरी ननद तैयार है। तो तब वो बोला कि जरूर साली जी, अगर तुम्हारी ननद तैयार है तो हम भी तैयार है, आज तो भाभी ननद एक साथ ही चुदेगी, क्यों भारती? अब में झड़ने वाली थी। अब में अपनी चूत ज़ोर-ज़ोर से रमेश के चेहरे पर रगड़ने लगी थी, अब में रमेश प्लीज ज़ोर से चूसो ना, एम्म्म, आआआहह करते हुए में झड़ गयी। तब मेरा सारा पानी रमेश के मुँह पर गिरा।

अब उधर रमेश का पानी भारती के मुँह में निकल गया था। फिर मनीष ने अपना लंड मेरे मुँह से बाहर निकाला और भारती के पास चला गया। अब भारती के मुँह पर रमेश का वीर्य लगा हुआ था। अब में और रमेश झड़ चुके थे। अब हम दोनों सुस्त पड़े थे। फिर मनीष भारती के पास जाकर बोला कि मेरी छोटी सी दुल्हन मेरे लंड को प्यार नहीं करेगी? तो तब भारती ने मुस्कुराकर उसका लंड पकड़ लिया। तो तब मनीष बोला कि मुँह से प्यार कर। तो तब भारती ने उसका लंड अपने मुँह में भर लिया और चूसने लगी थी, क्योंकि मनीष ने मुझे अपना लंड चुसवा रखा था इसलिए झड़ने को था। अब जल्दी ही उसने भी उसका वीर्य भारती के मुँह पर गिरा दिया था। अब भारती का मुँह और बाल वीर्य से भरे पड़े थे। फिर उसने अपना मुँह धोया और वापस आ गयी। तब मनीष रमेश से बोला कि यार आज तो रिश्ते ही बदल गये। तब रमेश बोला कि वो कैसे? तो तब वो बोला कि तुम भारती के भाई से जीजू बन गये, बोलो मानते हो इस रिश्ते को?

तब रमेश मान गया और बोला कि अकेले में ये मुझे जीजू कह सकती है, वैसे भी इसने मेरे लंड का पानी निकाला है, इसने आदि घरवाली का काम तो कर ही दिया है। अब मनीष भारती की 32 साईज की चूचीयाँ मसल रहा था। फिर रमेश ने मुझे अपने लंड पर दुबारा झुका दिया। अब में उसका लंड चूसने लगी थी। अब वो मेरे मुँह में फूलता जा रहा था। फिर रमेश ने अपना लंड बाहर निकाला और मुझे लेटाकर मेरी दोनों टांगे पूरी खोल दी। अब वो मेरी चूत पर एक कसकर चुम्मा लेने के बाद मेरी चूत पर अपना लंड रगड़ने लगा था। फिर जब उसने एकदम से धक्का मारा तो उसका लंड मेरी चूत को चीरता हुआ आधा अंदर घुस गया। तब में ज़ोर से चीखी आहह, ऊहह, आह, आआ, मर गययययययी रे, चोद रे, चोद, उईईई मरी, हाईई माँ, आज तो मेरी चूत फट गयी रे, तूने तो आज मेरा दम निकाल दिया, लेकिन वो कहाँ मेरी सुनता? तो तभी इतने में भारती की चीख आई मार दिया, निकालो, ऊऊओ, प्लीज।

अब इधर मेरी चूत में से खून निकल रहा था। अब उधर मनीष हंस रहा था। अब भारती की चूत फटी पड़ी थी। अब उसका अगला झटका बहुत जानलेवा था। तब में चीखी मुझे ऐसा लगा जैसे मेरी चूत को कोई चाकू से काट रहा है। अब रमेश मेरी चूची पीने लगा था और मेरे चूतड़ सहलाता रहा। अब उधर भारती चीख रही थी भैया मार डाला। तब मनीष हंसते हुए बोला कि ये लंड ना बहन देखता है ना बेटी। अब मुझे आराम आना शुरू हो गया था। अब में अपने चूतड़ ऊपर करने लगी थी। अब रमेश समझ गया था तो तब उसने थोड़ा सा अपना लंड बाहर निकाला और दुबारा जड़ तक डाल दिया, उउइई माँ। अब उधर भारती बोल रही थी प्लीज धीरे करो जानू। अब लगातार हम दोनों की चूत में धक्के पड़ रहे थे। अब हम दोनों अपने-अपने चूतड़ उछाल रही थी और कह रही थी ज़ोर से करो, मार डालो। अब में एक बार झड़ चुकी थी। अब मेरी चूत गीली होने के कारण लंड आराम से आ जा रहा था। फिर थोड़ी देर के बाद रमेश मुझे ज़ोर-ज़ोर से चोदने लगा और अब वो आ, आह करता हुआ झड़ गया था और उसके साथ ही में फिर से झड़ गयी थी। अब उधर भारती भी झड़ चुकी थी। फिर हमें जब भी कोई मौका मिला तो तब हमने उस मौके का भरपूर फायदा उठाया और खूब मजा किया ।।

धन्यवाद …

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